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संस्कृति स्कूल सुधार पायेगा कार्य संस्कृति ?

जब अँगरेज़ हिंदुस्तान पर कब्ज़े के बाद यहाँ के शासन को व्यवस्थित करने में जुटे थे। उनकी अपनी प्राथमिकताएं थीं और तदनुसार वे संस्थाएं गढ़ रहे थे। आन्तरिक प्रशासन बनाए रखना और मालगुजारी इकठ्ठा करना...
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सतरंगे मास्टरों की बदरंगी दास्तान

हम लोगों के बचपने में शिक्षा व्यवस्था बहुत सपाट सी हुआ करती थी मिडिल, इन्टर और यूनिवर्सिटी की पढ़ाई होती थी जिनको मास्टर, प्रवक्ता और प्रोफेसर साहब पढ़ाया करते…
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सुनहु तात, अब पौध कहानी

महाराष्ट्र में पिछले साल 30 करोड़ पौधे सरकार ने लगाए और इस साल 33 करोड़ पौधे लगाने के बाद ही वहां की सरकार विश्राम करेगी। सरकार है जो भी करेगी बड़ा ही करेगी यानी…
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कहां गई बदजबानी, वो रूठना और वो मनाना

बहुत पुरानी बात नहीं है। अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। पूर्णबहुमत की सरकार होने और मुख्यमंत्री के चाचा होने के नाते आली जनाब आजम खान साहेब का जाहोजलाल भी उरूज पर था। ऐसे में रहनुमाए मिल्लत और अव्वल-ए-बदजबानी आली जनाब मोहतरम आजम खान साहेब ने खुद को बनाने वाले नेता जी मुलायम सिंह यादव के प्रति आभार प्रदर्शन करना मुनासिब समझा। वे नेता जी को रामपुर ले गए…
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धंधा है, तो गन्दा भी होगा

बहुत पहले मेरे बचपने में दादी ने कोई मनौती मानी थी और वो पूरी हो गयी रही होगी तो पूरा परिवार तीर्थ यात्रा पर गया था| मै काफी छोटा था लेकिन मुझे पूरी तरह याद है…
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एक सजावटी मंत्री की उदास मृत्यु

आमतौर पर मैं ऐसे विषयों पर नहीं लिखता, लेकिन कभी-कभी नियम तोड़ना चाहिए। अपने यहाँ परंपरा है, मृत्यु के बाद किसी की कमियों या दुष्टता पर चर्चा नहीं की जाती। उसके…
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लोहियाजी के सिद्धांतों की सद्गति

कुदरत का निजाम भी अजीब है, कोई चीज़ कितनी भी सुन्दर क्यों न हो कालान्तर में कुरूप हो जाती है। कुछ इसी तरह से ये भी है कि सिद्धान्त ज़्यादातर लोगों के कल्याण के लिए बेहतरीन बनाए जाते हैं लेकिन लागू होने के क्रम में वे बद से बदतरीन होते जाते हैं। उसका कारण शायद ये होता हो कि सिद्धान्त किसी भी व्यक्ति या व्यक्ति समूह का उच्चतर व्यक्तित्व गढ़ता है लेकिन…
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पुरखों का पाप भोगते लाचार संविदाकर्मी

पुरखों के पाप और पुण्य दोनों के ही फल उनकी संतानों को भोगने पड़ते हैं, यह बात पारिवारिक सन्दर्भ में तो सही है ही वृहत्तर सामाजिक परिप्रेक्ष्य में भी सही प्रतीत…
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प्रभु दर्शन और निरीह कांस्टेबल की मौत

एक ही दिन दो ख़बरों पर ध्यान गया, पहली 28 जुलाई को दस बड़े औद्योगिक घरानों के प्रभु, प्रदेश के लोगों को लखनऊ में दर्शन देकर कृतार्थ करेंगे। उन देव दुर्लभ क्षणों…
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चिनार के पेड़ और जहाँगीर

बहुत पहले पढ़ा था कि सम्राट जहांगीर को कश्मीर बेहद पसंद था इस हद तक कि उन्होंने कश्मीर को पृथ्वी का स्वर्ग बताया था बावजूद इसके जहांगीर ने स्वर्ग की शोभा को निखारने के लिए दो महत्वपूर्ण काम किये। चिनार के पेड़ तब भी कश्मीर में थे लेकिन सम्राट को लगा कश्मीर की आब-ओ-हवा के अनुरूप चिनार कश्मीर की पहचान बन सकते हैं। तब जहांगीर ने न सिर्फ वहां चिनार का…
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वह मार्मिक दृश्य जिसे मैं भुला नहीं पाता

इस वाकये को गुज़रे अंदाज़न साल भर से ज्यादा तो हो ही चुके होंगे लेकिन आज भी यह जस का तस मुझे याद है। देसी कुत्ते–कुतिया हर जगह बहुतायत से मिलते हैं, जहां मैं रहता…
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वाजिद अली शाह, बाबरी मस्जिद और आडवाणी

दुनिया में एक से एक रोचक कथाएं हैं, जो कई बार विलुप्त हो जाती हैं लेकिन घूम-फिर कर लोगों के ज़ेहन में फिर से ताज़ा हो जाती हैं। ऐसे ही बाबरी मस्जिद कम से कम दो…
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About Me

Anehas Shashwat

स्वतंत्रता मिले आधी शताब्दी से ज़्यादा हुए। इस अवधि में देश लोकतंत्र से भीड़तन्त्र की ओर जाता दिख रहा है। इसके कारण और निदान की पड़ताल बेहद ज़रूरी है। फ़िलहाल इसी काम का आनन्द लिया जा रहा है...

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