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मेरे विचार

इल्तुतमिश ने रखा था, अकबर की महानता का आधार

हर व्यक्ति, संस्था, समाज और स्थान का अपना महत्व और इतिहास होता है। कई बार इतिहास इनके साथ न्याय नहीं भी करता। अक्सर यह अन्याय दरगुज़र हो जाता है, लेकिन कई बार यह अन्याय सोचने को मजबूर करता है‌। तेरहवीं शताब्दी में हुए गुलाम वंश के दूसरे…

नाकारा सरकारें और आत्महन्ता किसान

लाख दावों प्रति दावों के बावजूद आज भी भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ खेती ही है। आधुनिक अर्थव्यस्था में इस स्थिति को पिछड़ेपन का द्योतक मानते हैं। बावजूद इसके अपने देश के किसानों ने देश के अनाज कोठार इस हदतक भर दिये हैं कि अगर तीन साल लगातार…

इतिहास में पाकिस्तान जोड़ेंगे, तभी बदलेगा भूगोल

अपने देश में किसी भी आदमी से पूछिए, मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने जामा मस्जिद कहाँ बनवाई? तत्काल जवाब मिलेगा दिल्ली में। शाहजहाँ ने एक और भव्य जामा मस्जिद सिंध के थट्टा इलाके में भी बनवाई। ध्यान रहे, शाहजहाँ के राज्य में न केवल आज का पाकिस्तान और…

आडवाणी पर राम का कोप हुआ, और कुछ नहीं….!

हो सकता है आर एस एस बहुत ही देशभक्त और काबिल लोगों का संगठन हो, लेकिन इतना तय है यह एक बंद सा संगठन है, जिसके बारे में जानकारी बहुत स्पष्ट नहीं है. जो लोग इससे जुड़े हैं वे ही इसके बारे में कायदे से जानते हैं. आडवाणी लम्बे समय तक संगठन के…

कांग्रेस के मनसबदार

कांग्रेस का फिलहाल का पराभव देख दिमाग में अनायास मुगलों की मनसबदारी प्रथा की याद कौंध गयी। यह मनसबदार ही थे जिन्होंने मुगलों को दुनिया की अतुलनीय और चकाचौंध वाली ताकत बनाया और मनसबदारों के ही चलते आखिरी मुगल बादशाहों की ताकत लाल किले के…

दगे हुए सांड़ों की दिलचस्प दास्तान

आज यशवंत सिंह के इस भड़ास बक्से में आप सबके लिए कुछ हास्य का आइटम पेश करूंगा। पेशेवर पत्रकारिता को जब एक तरह से तिलांजलि दी थी तो सोचा था कि इस बाबत कभी कुछ लिखूं पढ़ूंगा नहीं, और न ही इस बाबत किसी से कुछ शिकायत करूंगा। क्योंकि इस पेशे में…