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समाज

बुखार को पहचानें, वर्ना फैल जाएगी महामारी

पहले काफी चलन में रही दीवार घड़ी के पेंडुलम की तरह, विपरीत ध्रुवों वाली, पुलिस विभाग से सम्बंधित दो ख़ास ख़बरें इधर हाल ही में आईं। एक बहुत चर्चित हुई, दूसरी की कोई चर्चा ही नहीं हुई, जबकि दोनों ही घटनाएं पुलिस विभाग में फैल रहे बुखार की सूचना…

सत्यजित राय सी मेधा हो, तभी ऐतिहासिक फिल्म बनाएं

पद्मावत फिल्म जब चर्चा में थी और इस पर बहुत लिखा-पढ़ा जा रहा था,तभी मैंने सोचा था इस पर बाद में लिखूंगा | क्योंकि तब जो लोग भी उसको पढेंगे, वो शायद फिल्म देख भी चुके होंगे और तब वो बेहतर तरीके से मेरे लिखे को समझेंगे | ऐतिहासिक हिंदी फिल्में…

‘बोकरादी’ से ‘पेलपालदास’ तक!

बुढ़ापे को लोग बुरा कहते हैं, लेकिन दरअसल ऐसा है नहीं. इस अवस्था के बहुत लाभ भी हैं, खास तौर से हिंदुस्तान में. यहाँ कोई बुड्ढा आदमी कितनी भी बेवकूफी की बात करे, लोग उसका प्रतिवाद नहीं करते बल्कि हाँ में हाँ मिलाते हैं. इधर थोड़ा बदलाव आया…

राष्ट्रोत्थान की फेसबुकी टिट्टिभि प्रवृत्ति

इस आर्टिकिल की शुरुआत की जाये इससे पहले टिट्टिभि प्रवृत्ति पर चर्चा लाजिमी है। हालांकि यह एक मिथिकीय कथा है। माना जाता है कि टिट्टिभि (टिटिहिरी) नामक बेहद छोटा पक्षी जब सोता है तो पंजे आसमान की तरफ कर लेता है। टिटिहिरी का मानना है कि उसकी…

सहूर है नहीं, कराएंगे पर्यटन!

काफी दिन हुए बीबीसी पर एक प्रोग्राम देखा था। उसमे उन्होंने यूरोप के कुछ फेमस किलों को इस तरह से सजाया था कि वे तीन – चार सौ साल पहले के जीवंत किले दिख रहे थे। ज़ाहिर सी बात है वो प्रोग्राम काफी सफल रहा। पर्यटन के प्रति लोगों का रुझान बढे…

कॉन्फेशन ऑफ ए ठग

मेरे ऊपर अक्सर मित्रगण यह आरोप लगाकर हंसते हैं कि मैं हर घटना को इतिहास से जोड़ देता हूँ। लेकिन अब मैं क्या करूं कि इतिहास में मिलती हुई घटनाएँ याद आ जाती हैं। बुलंदशहर के जेवर के नजदीक हुई हत्या, लूट और बलात्कार की घटना के बाद एकाएक…

बच्चों को शिक्षा कम फ़िक्स्ड डिपॉज़िट ज़्यादा दें

सामान्य शिक्षा दिलाइए और खर्चीली उच्च शिक्षा पर व्यय होने वाले धन को बच्चों के नाम फिक्स डिपॉजिट कर दीजिए… अभी कुछ दिन पहले एक बड़े अखबार में सर्वे आया था। अमेरिका के युवाओं की बाबत। सर्वे इस बात पर था कि अमेरिका में शैक्षिक ऋण और इस ऋण से…

फिर-फिर मुठभेड़ करेगी यह उन्मत्त भीड़

हार्दिक पटेल आज की तारीख में एक बिसरा हुआ नाम है। ज्यादा आशंका है कि हुक्मरान-ए-दौरां इस नाम को हमेशा के लिए दफन करने की पूरी कोशिश करेंगे। वे सफल हो या न हों, लेकिन जो मुद्दे हार्दिक पटेल ने उठाए हैं, वे प्रथम दृष्ट्या बेढंगे दिखने के…