The Golden Talk
by Anehas Shashwat

- Advertisement -

- Advertisement -

Browsing Tag

भीष्म पितामह

महाभारत से जुड़ी इस गर्वोक्ति को मैंने करीब 30 साल पहले, पहली बार सुना था। पढ़ लिख कर बेरोजगार था तब भी पढ़ने-लिखने में ही फ़ालतू समय बिताता था, उसी समय एक सज्जन ने चर्चा के दौरान इस गर्वोक्ति का ज़िक्र किया। बड़ा कौतूहल हुआ कि क्या ऐसी सार्वकालिक प्रासंगिक किताब हो भी सकती है? फिर सोचा कि सनातन धर्म के…
Read More...